Welcome जीवन को परिपूर्ण बनायें

banner image

चलो यूँ कर लें ....

चलो यूँ कर लें की लहरों को बांध दें
हर एक बूँद से 'तूफ़ां' को निकाल दें
 
चलो यूँ कर लें की आसमान छु लें
अलकों पलकों में ही निवारण कर लें
 
चलो यूँ कर लें की शरहदों को मिटा दें
हर दिल से 'शियासत' को हटा  दें
 
चलो यूँ कर लें की कल को आज में तप्दील कर लें
आज और कल दोनों का मजा एक साथ ले लें 
 
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….
 
अक्सर बरसातों ने रोका है रंग चढ़ाने में
वर्षों लगे हैं, महफ़िल का रंग ज़माने में
 
अब न रुक पायेगा ये शैलाब अय ‘योगेश’
वक्त खुद आ गया है, रंग बदलने को
 
चलो यूँ कर लें की आज बेरंग हो जाएँ
वक्त के बदलते रंगों में खो जाएँ
 
चलो यूँ कर लें….
 
रणभूमि से रंगभूमि में  कदम रखा है
रंगभूमि ने रंगने की शर्त रखी है
और मैंने मुह न खोलने की जीद रखी है
 
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें.... 

नीले आकाश के ऊपर, ओशों ने एक इन्द्रधनुष बना रखा है
रंगों को अपने सीने में छुपा रक्खा है
न चाहते  हुए भी करीब बुला रक्खा है
 
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….

ओशों की बूंदों ने रंगने का कार्यक्रम बना रखा है
प्रकृति ने भी समझाने का अपना ही तरीका बना रखा है
 
चलो यूँ कर लें की....
चलो यूँ कर लें ....   चलो यूँ कर लें .... Reviewed by Yogesh on Wednesday, August 31, 2016 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.